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समस्तीपुर में 15 केंद्रों पर होगी सिपाही भर्ती परीक्षा, प्रशासन ने कदाचारमुक्त संचालन के लिए कसी कमर

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समस्तीपुर जिले में 14 एवं 17 जून 2026 को मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल और चलंत दस्ता सिपाही भर्ती परीक्षा आयोजित होगी। 15 परीक्षा केंद्रों पर होने वाली परीक्षा को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा और विधि-व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए हैं।

समस्तीपुर/आलम की खबर:केंद्रीय चयन परिषद (सिपाही भर्ती), पटना द्वारा विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने के लिए आयोजित की जा रही भर्ती परीक्षा को लेकर समस्तीपुर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। आगामी 14 जून और 17 जून 2026 को जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होने वाली इस महत्वपूर्ण परीक्षा के सफल संचालन के लिए प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराई जाएगी, ताकि अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके और भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।

इस भर्ती अभियान के तहत मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय तथा परिवहन विभाग के विभिन्न रिक्त पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की जा रही है। इन पदों में मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल तथा चलंत दस्ता सिपाही शामिल हैं। परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है और जिले के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के शामिल होने की संभावना है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार समस्तीपुर जिले में कुल 15 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों पर परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली पूर्वाह्न 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगी जबकि दूसरी पाली अपराह्न 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा केंद्रों पर समय से पहुंचने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील अभ्यर्थियों से की गई है।

भर्ती परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। परीक्षा के समन्वय कार्य के लिए वरिष्ठ अधिकारी श्री सूर्य प्रताप सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे परीक्षा संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की निगरानी करेंगे तथा परीक्षा संयोजक को आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे। प्रशासन का मानना है कि बेहतर समन्वय और सतत निगरानी से किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अनियमितता की संभावना को काफी हद तक रोका जा सकता है।

इसी तैयारी के क्रम में समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर समाहर्ता ब्रजेश कुमार ने की। इस दौरान परीक्षा संचालन से जुड़े सभी प्रमुख अधिकारियों, केंद्राधीक्षकों, दंडाधिकारियों तथा पुलिस पदाधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अभ्यर्थियों की सुविधा सुनिश्चित करना तथा किसी भी प्रकार के कदाचार पर प्रभावी रोक लगाना था।

बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि परीक्षा की शुचिता किसी भी परिस्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से लेकर परीक्षा समाप्ति तक प्रत्येक गतिविधि पर सतर्क निगरानी रखी जाएगी। केंद्राधीक्षकों को निर्देश दिया गया कि परीक्षा से पूर्व सभी व्यवस्थाओं की भौतिक जांच कर लें तथा किसी भी कमी की सूचना तुरंत जिला नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराएं।

प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी व्यापक योजना बनाई है। प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारी तैनात रहेंगे। परीक्षा अवधि के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाएगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ जुटने से रोकने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनुचित साधनों के उपयोग को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बैठक के दौरान परीक्षा से जुड़े विभागीय दिशा-निर्देशों का भी विस्तार से अवलोकन किया गया। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि परिषद द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें। परीक्षा केंद्रों पर बैठने की व्यवस्था, प्रवेश प्रक्रिया, पहचान सत्यापन, सुरक्षा जांच तथा उत्तर पुस्तिकाओं के सुरक्षित संधारण जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि परीक्षा संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।

जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों से भी सहयोग की अपील की है। परीक्षार्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचें, अपने प्रवेश पत्र और पहचान पत्र साथ रखें तथा परीक्षा संबंधी सभी नियमों का पालन करें। अभ्यर्थियों को यह भी कहा गया है कि वे किसी अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक निर्देशों का ही अनुसरण करें।

बैठक में नोडल पदाधिकारी सह भूमि सुधार उप समाहर्ता ऋषभ राज, जिला शिक्षा पदाधिकारी कामेश्वर प्रसाद गुप्ता समेत कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने परीक्षा के सफल संचालन के लिए आपसी समन्वय और सतर्कता पर जोर दिया। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि सभी विभागों के सहयोग से परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न होगी।

समस्तीपुर जिला प्रशासन द्वारा की जा रही तैयारियां यह संकेत देती हैं कि भर्ती परीक्षा को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ आयोजित किया जाएगा। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की भागीदारी को देखते हुए सुरक्षा, निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाया गया है। अब जिले की निगाहें 14 और 17 जून को होने वाली इस महत्वपूर्ण परीक्षा पर टिकी हैं, जिसके माध्यम से विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना किसी भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है। हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आए फर्जीवाड़े और कदाचार के मामलों ने भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए थे। ऐसे में समस्तीपुर प्रशासन द्वारा सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर की जा रही व्यापक तैयारियां सकारात्मक संकेत देती हैं।

परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, दंडाधिकारियों की तैनाती, केंद्राधीक्षकों के साथ समीक्षा बैठक और विभागीय दिशा-निर्देशों के सख्त पालन का निर्देश यह दर्शाता है कि प्रशासन परीक्षा की शुचिता को लेकर गंभीर है। भर्ती प्रक्रिया की सफलता केवल परीक्षा आयोजित करने में नहीं बल्कि उसे निष्पक्ष और विवादमुक्त तरीके से संपन्न कराने में निहित होती है।

अभ्यर्थियों की भी जिम्मेदारी है कि वे नियमों का पालन करें और किसी भी गलत तरीके का सहारा न लें। यदि प्रशासन और अभ्यर्थी दोनों अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करें तो भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होगी। उम्मीद की जानी चाहिए कि समस्तीपुर में आयोजित होने वाली यह परीक्षा पारदर्शिता और सुशासन का एक अच्छा उदाहरण बनेगी।

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